भोपाल । लोकसभा चुनाव के एग्जिस्ट पोल के नतीजो में केंद्र में भजपा की वापसी के संकेत मिलते ही मध्य प्रदेश की सियासत मैं घमासान शुरू हो गया भाजपा ने राज्य की कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया है । तो कांग्रेस ने साफ किया की उसकी सरकार को कोई खतरा नहीं है । और बहुमत उसके साथ है ।
दरअसल, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सोमवार ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है । उनका कहना है की एग्जिट पोल के अनुसार, लोकसभा चुनाव में पार्टी को 29 में से 26-27 सीटे मिलने की संभावना है। इससे पता चलता है की लोगो का कांग्रेस में विस्वाश नहीं रहा । इतना ही नहीं कांग्रेस के कई विधायक भी अपनी सरकार से नाराज चल रहे है । हालांकि उन्होंने हार्स ट्रेडिंग से इनकार किया । इन्होने कहा की हम नहीं बल्कि कांग्रेस के विधायक खुद यह सरकार गिराना चाहता है । भाजपा नेता चुनाव प्रचार के दौरान अपने भाषणो में एक वोट से दो सरकार चुनने की बात करते रहे है ।
हालाँकि कमलनाथ सरकार में संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने भार्गव के सरक़ार के अल्पमत में होने के दावे को गलत बताया है । उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नहीं है । राज्य में संविधान के अनुसार काम होगा, भार्गव की इच्छा के अनुसार नही ।वही कांग्रेस प्रवक्ता
मुकेश शर्मा का कहना है की भाजपा की कोशिश मतगणना को लेकर प्रशासन पर दबाव बनने की है ।भाजपा की आदत ऐसी गतिविधि कर ध्यान भटकाने की है । राज्य मैं चुनी हुई सरकार है जो विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर चुकी है। कांग्रेस को 121 विधायकों का बहुमत है।
भाजपा को सरकार बनाने के लिये 7 विधायकों की जरूरत
230 सदस्य विधानसभा में कांग्रेस की 113 और भाजपा के 109 विधायक है । कांग्रेस के 114 विधायक चुनकर आय थे जिसमे से दीपक सक्सेना ने छिंदवाड़ा सीट कमलनाथ के लिये खाली कर दी है । 116 का बहुमत का आंकडे के लिए कांग्रेस को चार निर्दलीय, भासपा के दो और सपा के एक विधायक का समर्थक है हालाँकि पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने कमलनाथ सरकार से समर्थन वापसी की चेतवानी दी थी। इसके बाद से भाजपा को लग रहा है कि विधानसभा का सत्र बुलाकर सरकारी अग्निपरीक्षा का यह सबसे बेहतर मौका है। सरकार गठन के लिए उसे सात विधायको की जरूरत है । उस लग रहा है कि निर्दलीयों के साथ ही कांग्रेस के कुछ विधायक भाजपा का साथ दे सकते है ।
कमलनाथ ने सरकार गिरने से दूर रहने को कहा था :
चुनाव प्रचार के दौरान विजयवर्गीय के बयान पर कमलनाथ ने कहा था। की यदि भाजपा उनकी सरकार को गिराने की कोई साजिश रच रही है तो वह ऐसा करने की सोचे भी नही, इसमे वह सफल नही हो पाएगी ।
विजयवर्गीय ने 22 दिनों में सरकार गिराने की बात कही थी
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री
कमलनाथ के राज्य में 22 लोकसभा सीटे जितने के दावे पर कहा था कि चुनाव नतीजे के बाद इस बात में भी संशय है कि वे 22 दिन भी मुख्यमंत्री रह पाएंगे या नही ।जनवरी में भी विजयवर्गीय ने कहा था की जिन दिन बॉस का इशारा हो जाएगा, उसी दिन कमलनाथ सरकार गिर जाएगी । हाल ही में उमा भारती ने भी कई कांग्रेस विधायकों के भाजपा के सम्पर्क में होने का दावा किया है ।



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