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Tuesday, June 11, 2019

राजस्थान खतरनाक गैंगस्टर राजू ठेहट को हर पल जान का खतरा घेरे रहते है पुलिस - कमांडोज बुलेट पुरुफ पहनाकर होती है पेशी

परबतसर (नागौर )


राजस्थान के सबसे खतरनाक गैंगस्टार को जान का खतरा बना हुआ है। हर समय पुलिस से घिरे  होने के बावजूद हर पल ये खतरा मंडराता रहता है कि कभी कोई उसे गोलीयो से धुन न डाले। यही वजह है कि पुलिस भी इस आशंका के चलते सतर्क हो गई है। लिहाज इस गैंगस्टर को पेशी में ले जाने के दौरान उसे बाकायदा बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाई जाती है। प्रदेश में संझवता ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब एक गैंगस्टर को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर पेशी पर ले जाया जाता है। पुलिस और कमांडोज के पूरे लाव-लस्कर के बीच बुलेट प्रूफ पहने किसी गैंगस्टर की पेशी चर्चा का विषय बनी रही है।


गैंगस्टर राजू ठेहट को आखिर किस बात का डर 

कभी का पर्याय रहा गैंगस्टर राजू ठेहट फिलहाल जेल में बंद है। उसपर कई संगीन धाराओ के तहत मुकदमे दर्ज है। लिहाज अलग-अलग मामलो में पेशी कोर्ट में अक्सर हुआ करती है। लेकिन इन दिनों ठेहट को जान का खतरा बना हुआ है। अंदेशा जताया जा रहा है कि दुश्मन गैंग के मुर्गे कभी भी उसे जान से मार सकते है। यही वजह है कि जब भी उसकी पेशी होती है उसी पुलिस और कमांडोज के सुरक्षा घेरे के अतिरिक्त बुलेट प्रूफ जैकिट में रखा जाता है।


छावनी में तब्दील हो जाता है कोर्ट परिसर 

गैंगस्टर आनन्दपाल की ही तर्ज पर गैंगस्टार राजू ठेहट की भी कोर्ट में कड़े सुरक्षा इंतजामो के बीच पेशी होती है जब भी ठेहट को पेशी पर लाया जाता है तब पूरा कोर्ट परिषर पुलिस छावनी के तब्दील हो जाता है ठेहट के पेशी पर पहुचने से पहले ही कोर्ट परिषर स के अंदर और बाहर चप्पे -चुप्पे पर पुलिस तैनात कर दी जाती है ताकि किसी तरह की अनहोली यहां भारी न पड़ जाए।


पिछले दिनों राजू ठेहट को एक ब्यापारी पर जानलेवा हमले के मामले में पेश किया गया। मामले के अनुसार 10 फरवरी 2015 को कुचामन निवासी नया शहर नारायण अग्रवाल ने कुचामन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। की वह सुबह अपने ऑफिस में बैठा था,  तभी  अचानक गाड़ी में सवार होकर रिछपाल, लक्ष्मण, भवर लाल ,मुकेश , हरेंद्र हाथो में अथियार लेकर आए और केबिन का कांच तोड़कर अंदर गुस गए और जानलेवा हमला कर दिया। चिल्लाने पर आसपास के दुकानदार दौड़ कर आए तब तक आरोपी भाग गए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सुरु किया।

मारोठ पुलिस ने हरेंद्र सिंह को पकड़ा तथा इस मामले में पूछताछ में हरेंद्र ने गैंग में शामिल होना काबुल किया। उन्होंने ब्यापारी पर जानलेवा हमला राजू  ठेहट के इशारे पर करना बताया। इस जानलेवा हमला में पुलिस ने 307 के मामले में राजू ठेहट को कड़ी सुरक्षा में एडीजे कोर्ट परवतसर में पेश किया। वही राजू ठेहट पर जान के खतरे के चलते बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर पेश किया गया। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया,इस दौरान मकराना सीओ सुरेश कुमार, परवतसर सीआई सुभाष चंद्र सहित बड़ी संख्या में कयुआरती जवान मौजूद रहे।


...तो तब से ठेहट को बना हुआ जान का खतरा

दरअसल, 22 मई 2005 में राजू ठेहट वे मोहन आदि ने रालोनी इलाके में विजयपाल् के साथ मारपिट के दौरान विजय पाल की मौत हो गई थी।

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